जुकाम (common cold) * जुकाम श्वसन तंत्र में आसानी से फैलने वाला संक्रमक रोग हैं

 जुकाम (common cold)
* जुकाम श्वसन तंत्र में आसानी से फैलने वाला संक्रमक रोग हैं

 

 

 


 


* यह सबसे ज्यादा हमारी नाक को प्रभावित करता है


* जुकाम आमतौर पर राइनो वायरस के कारण होता है


* इसके लक्षणों में खांसी गले में खराश नाक से स्त्राव सर दर्द और बुखार आदि होते हैं


* इसके लक्षण तकरीबन 1 से 2 सप्ताह तक रहते हैं


* जुकाम पूरी दुनिया में एक सामान्य रोग है


* जुकाम बच्चों में 1 साल में 5 से 10 बार तथा वयस्कों में 1 साल में दो से 5 बार होता है


* जैसे-जैसे हमारी आयु बढ़ती है जुकाम होने की संभावना कम हो जाती है क्योंकि हमारा immune system इस वायरस से लड़ने की क्षमता बढ़ा लेता है


* अधिकांश डॉक्टर जुकाम से पीड़ित व्यक्ति को एंटीबायोटिक्स देते हैं जबकि जुकाम के संक्रमण में 2 प्रतिशत ही बैक्टीरिया होते हैं


* जुकाम में आम तौर पर लोगों को थकान ठंडा लगना छींक तथा सर दर्द शुरू होता है


* सिर्फ 24 घंटे के अंदर ही जुकाम के वायरस 16 मिलियन तक बढ़ जाते हैं


* जुकाम होने के 2 से 4 दिन में इस संक्रमण के फैलने की संभावना ज्यादा होती है


* वैज्ञानिक खोज के अनुसार अगर आप पीड़ित व्यक्ति से 6 फीट की दूरी पर है तो आपको जुकाम नहीं होगा


* जुकाम के वक्त छींकने से तकरीबन 100000 वायरस हवा में आ सकते हैं


* राइनो वायरस हमारे शरीर के बाहर 3 घंटे तक जीवित रह सकता है और त्वचा पर 48 घंटे तक


* जुकाम दो सौ तरह के अलग-अलग वायरस के कारण हो सकता है इसलिए जुकाम की कोई वैक्सीन नहीं होती


* इसके वायरस संक्रमित वस्तु के छूने के बाद फिर उसी हाथ से नाक या आंख छूने से फैलता है


* किस करने से जुकाम के वायरस नहीं फैलते जबकि एस्किमो किस में नाक से नाक रगड़ने में इसके वायरस स्वास्थ्य व्यक्ति में पहुंच जाते हैं


* जितनी कम आद्रता होती है जुकाम के वायरस उतनी ही दूर तक जाते हैं


* साफ-सफाई और संक्रमित व्यक्ति से दूर रहकर जुकाम फैलने से रोक सकते हैं


* 1956 में राइनो वायरस की खोज मेडिकल रिसर्च काउंसलि यूनाइटेड किंगडम में हुई थी

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