दुनियाभर में लग जाएगी बेरोजगारों की लाइन! 30 करोड़ लोगों की जा सकती है नौकरी


 दुनियाभर में लग जाएगी बेरोजगारों की लाइन! 30 करोड़ लोगों की जा सकती है नौकरी

 

 

 


 

 

 दुनिया भर में इन दिनो पहले बेरोजगारी छाई हुई है। इस बीच आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की दखलंदाजी इन दिनों कई सेक्टर में बढ़ती जा रही है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के आने से कई कई सेक्टर में नौकरी में कटौती हो जाएगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इससे 30 करोड़ नौकरियों पर गाज गिर सकती है

 

 पूरी दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है। जिस तरह से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (Artificial Intelligence) का चलन बढ़ रहा है। इससे नौकरियों पर खतरों के बादल मंडराने लगे हैं। इनवेस्टमेंट बैंक Goldman Sachs की एक रिपोर्ट के मुताबिक AI से दुनियाभर में 30 करोड़ नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है। यह अमेरिका और यूरोप में एक चौथाई तरह के काम कर सकता है। लेकिन साथ ही इससे नई तरह की नौकरियां मिल सकती हैं। इसके साथ ही प्रोडक्टिविटी में भी उछाल आ सकता है। ये भी कहा जा राह है कि इससे इकोनॉमी में भी बढ़ोतरी होगी।

अब ज्यादातर कामों में AI का इस्तेमाल किया जा रहा है। कंपनियां बिजनेस को बढ़ाने में इसका इस्तेमाल कर रही है। कई ऐसे काम हैं जो AI काफी तेजी से कम समय में पूरे कर रहा है। यह इंसान की तरह कंटेंट क्रिएट कर सकता है। दुनियाभर की सरकारें AI में निवेश करना चाहती हैं। विकसित देश इसमें ज्यादा रूचि दिखा रहे हैं।

 

 

 रिपोर्ट के मुताबिक, सॉफ्टवेयर डेवलेपर्स की नौकरी को AI से खतरे की आशंका जताई जा रही है। इसकी वजह ये है कि AI इस सेक्टर में कम समय में ज्यादा तेजी से काम कर सकता है। AI से गलतियों की गुंजाइश भी बेहद कम है। ग्राफिक डिजाइनिंग के क्षेत्र में भी AI से नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं। AI ग्राफिक डिजाइनिंग में काफी तेजी से और बेहतर काम करने में पूरी तरह से सक्षम है। इसके अलावा लीगल एंड अकाउंटिंग सर्विस, फाइनेंस, मीडिया, मार्केट रिसर्च एंड एनालिसिस, HR रिक्रूटमेंट, टीचर्स, ट्रांसलेटर और कस्टमर सर्विस जैसे ऐसे सेक्टर हैं। जहां AI की मार सबसे ज्यादा पड़ सकती है। एक्सपर्ट्स इन सेक्टर्स में नौकरी जाने की आशंका जताई है।

 

सैलरी में आ सकती है गिरावट

वहीं एक्सपर्ट्स ने AI के आने से लोगों की सैलरी में गिरावट की आशंका जताई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जीपीएस टेक्नोलॉजी और उबर के आने से ड्राइवरों की सैलरी में 10 फीसदी की गिरावट आई है। इससे ड्राइवर्स की संख्या तो कम नहीं हुई लेकिन उनकी सैलरी जरूर कम हो गई।

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