भारती अर्थव्यवस्था क्या है ?

 

 अर्थव्यवस्था की परिभाषा....

                 न्यून , मध्य तथा उच्च आय विश्व बैंक के वर्गीकरण के अनुसार  प्रतिव्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय के आधार पर विश्व की अर्थव्यवस्थाओ को निम्न 4 वर्गों मे बाँटा गया है ......






   निजी क्षेत्र और बाजार के सापेक्ष  राज्य व सरकार की भूमिका के आधार पर अर्थव्यवस्थाओ का वर्गीकरण 3 श्रेणियो मे किया जाता है ......../

  1)    पूंजी वादी अर्थव्यवस्था ........

               इस अर्थव्यवस्था मे क्या उत्पादन करना है , कितना उत्पादन करना है और उसे किस कीमत पर बेचना है , ये सब बाजार तय करता है , इसमे सरकार की कोई आर्थिक भूमिका नहीं रहती है ।

    2) राज्य अर्थव्यवस्था ........

           इस अर्थव्यवस्था की उत्पत्ति  पूंजी वादी अर्थव्यवस्था कएए लोकप्रियता के विरोध स्वरुप हुआ । इसमे उत्पदान  , आपूर्ति और कीमत सबका फैसला सरकार द्वारा लिया जाता है ऐसी अर्थव्यवस्थाओं को केन्द्र कृत नियोजित अर्थव्यवस्था कहते हैं जो गैर बाजारी अर्थव्यवस्था होती है । राज्य   की दो अलग - अलग शैली नज़र आती है , सोवियत संघ की अर्थव्यवस्था को समाजवादी अर्थव्यवस्था कहते है  जबकि 1985 ई. से पहले चीन की अर्थव्यवस्था को साम्यवदी अर्थ्व्यवस्था कहते हैं । समाजवादी  अर्थव्यवस्था में उत्पादन के साधनो पर सामूहिक नियन्त्रण की बात शामिल थी और अर्थव्यवस्था को चलाने मे सरकार की बड़ी भूमिका थी वहीं साम्यवदी अर्थ्व्यवस्था मे सभी संपत्तियो पर सरकार का नियन्त्रण था और श्रमसंसाधन भी सरकार के अधीन थे। 

3)  मिश्रित अर्थव्यवस्था .....

इसमे कुछ लक्षण राज्य अर्थव्यवस्था के मौजूद होते हैं , तो कुछ लक्षण पूंजी वादी अर्थव्यवस्था के । यानी सरकारी एवं निजी क्षेत्र का सह अस्तित्त्व । द्वीतीय विश्व युध्द कि समाप्ति के बाद उपनिवेवाद के  चंगुल से निकले दुनिया के कई देशों ने  मिश्रित अर्थव्यवस्था को अपनाया । इनमे भारत , मलेशिया एवं इंडोनेशिया जैसे देश शामिल हैं ।



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